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Bewafa Love story in hindi |बेस्ट बेवफा लव स्टोरी इन हिन्दी | प्यार मे धोखा

दोस्तों,प्यार मे धोखे या बेवफाई तो आपने जरूर देखा अथवा सुना होगा।कुछ इसी प्रकार की नई प्रेम कहानी Bewafa love story in hindi आज आप पढ़ेंगे । तो चलिए बेवफा लव स्टोरी इन हिन्दी को अब शुरू करते है।

Bewafa Love Story In Hndi

Bewafa Love Story In Hndi

एक लड़का का नाम सामंत था।जिस स्कूल मे सामंत पढ़ता था। पीली नाम कि एक लड़की भी उसी स्कूल मे पढ़ती थी। वह लड़की का घर और सामंत का घर बिल्कुल आमने-सामने था। पीली भी एक बंगाली परिवार से थी। जब सामंत और पीली बहुत छोटे थे,तब ज्यादातर समय एक दूसरे के साथ खेलने मे बिताते थे।

बचपन मे दोनो चूड़ियो का खेल खेलते थे। जमीन पर लकीर खिच कर चूड़ियो के टुकड़े डाल कर यह खेल खेला जाता था। जीतने वाला हारने वाले का चूड़ियो का टुकड़ा ले लेता था। हारने वाले को जीतने वाले कि बात माननी पड़ती थी। Best bewafa love story in hindi एक बार सामंत अपनी छत पर पतंग उड़ा रहा था। पूरे मोहल्ले मे उस समय सामंत का घर सबसे बड़ा था।

तीन तल्लो वाले उसकी छत से पतंग बहुत ही अच्छी उड़ रही थी। उस समय हवा भी थोड़ी तेज बह रही थी।पतंग बहुत ऊपर जा चुकी थी और तेज हवाओ से बाते कर रही थी। बहुत ही खुस होकर सामंत अपनी पतंग को उड़ाने लगा। उड़ती हुई पतंग को देखते-देखते वह पीली कि छत कि तरफ देखा..।

उस समय पीली भी अपने छत पर खड़ी थी।अचानक से पतंग का धागा एक पेड़ मे जा फॅसा। पेड़ पीली के आँगन मे ही था। Pyaar me dhokhe ki kahani “क्या मै तुम्हारे घर आकार अपने पतंग के धागे को ले लू।”सामंत ने पीली से कहा..। पीली बोली,”तुम्हारी पतंग,धागा भी तुम्हारा ले लो।भागते हुए वह पीली के घर आया।” जल्दी-जल्दी मे पेड़ पर चढ़ने लगा।कुछ दूर ही पेड़ पर चढ़ने के बाद उसका पैर फिसल गया। जमीन पर ‘ ढप्प’ से आवाज आई और वह गिर गया। जोर-जोर से हँसने कि आवाज आई।नजर दौड़ा कर जब सामंत ने देखा।

पीली उसे देख कर हँस रही थी शरमाते हुए ,सामंत भी मुस्कुराने लगा! अगर कोई सामंत पर पर हँसता या उसका मजाक उड़ता था,तब तुरंत ही वह नाराज हो जाता था। लेकिन आज उसे बुरा नहीं लगा रहा था,बल्कि मजा आ रहा था! बड़े ही प्यार से पीली कि ओर वह देख रहा था। बेवफा लव स्टोरी इन हिन्दी आज पीली उसे बहुत अच्छी लग रही थी। इसके बाद उसने अपना धागा भी नहीं लिया और अपने घर आ गया।रात के समय वह टेलीविजन देख रहा था। पीली कि मुस्कुराहट उसे याद आ रही थी।

ना चाह कर भी वह पीली के बारे सोच रहा था। मन ही मन सामंत आनंदित हो रहा था। ऊसके मन मे छुपा आनंद उसके चेहरे पर आ गया ..।टेलीविजन देखता हुआ,वह मुस्कुराने लगा।उसकी माँ कमरे मे प्रवेश करती है। सामंत को मुसकुराता हुआ देख कर वह बोली..।

”न्यूज चैनल लगा कर तुम क्यू हंस रहे हो?” ध्यान से सामंत ने टेलीविजन कि तरफ देखा। सामंत बोला,”न्यूज ऍकर को देख हंसी आ गई।” अब वह रोज पीली के साथ स्कूल जाने लगा। पीली के साथ बाते करना उसे अच्छा लगने लगा। शाम के समय खेलना उसने बंद कर दिया। अपने घर के बाहर खड़ा होकर वह पीली को देखता रहता। जब तक पीली बाहर खड़ी रहती थी,तब तक वह भी बाहर ही खड़ा रहता। एक अजीब सी बेचैनी उसके दिल मे उठती,जब वह उसे नहीं देखता।

एक बार सामंत अपने मोहल्ले के एक दोस्त से मिला। सामंत बोला,”यार मुझे पीली बहुत अच्छी लगती है।” उसका दोस्त बोला,”ठीक है,उसे अपनी बात बात दे।”सामंत ने बहुत कोशिस किया,पर वह पीली को कुछ भी कह नहीं पाया। तीन साल गुजर गए थे।अभी भी सामंत ने अपने दिल कि बात उसे नहीं बताई थी। एक दिन रात के साढ़े सात बज रहे थे। मोहल्ले मे बिजली कटी हुई थी। एक बेल का पेड़ सामंत के घर के पास था। अंधेरा मे वह बेल के पेड़ के पास खड़ा था।

पीली भी उस बेल के पेड़ के पास आ गई। ”मै तुमसे प्यार करता हूँ, पीली।”सामंत ने पीली से कहा..। पीली बोली,”मै भी।”एक दूसरे को अंधरे मे ही दोनों देखते रहे। तेज सांस भरते हुए सामंत बोला,”बहुत साल लग गए ,बताने मे।” पीली बोली,”मै भी करती थी,पर कैसे बताती,लड़की हूँ न।” तभी बिजली आ गई और वे दोनों अपने घर चले आए।

इसके अगले दिन वह,पीली से मिलने उसके कोचिंग गया।कोचिंग मे पीली कॉमर्स पढ़ती थी। ब्लू कलर का एक शर्ट सामंत ने पहना था। पीली बोली,’थोड़ा बॉडी बनाओ।बहुत पतले हो तुम।” यह बात सामंत के दिमाग मे घर कर गई।

अगले दिन से सामंत जीम जाने लगा। जीम मे वह खूब कसरत करने लगा।खाने-पीने का भी वह बहुत ध्यान रखने लगा। कुछ ही महीनों मे सामंत ने बहुत ही अच्छी बॉडी बना ली। टाइट-फिटिंग टी शर्ट पहन कर वह अब पीली से मिलने जाता था। सामंत कि पर्सनालिटी पीली को भी बहुत अच्छी लगती थी। अक्सर पीली अपने दोस्तों को सामंत से मिलवाती थी। एक दिन सामंत पीली से मिलने उसके कोचिंग जाने वाला था। वह अपने उसी दोस्त के पास आया।जिसने उसे पीली को प्रोपोज करने कि सलाह दी थी। “पीली से मिलने कोचिंग जाना है तू भी चल न यार।”सामंत ने अपने दोस्त से कहा..।

दोस्त बोला,”आज नहीं कल चलूँगा।” सामंत अपने दोस्त को चलने के लिए से मनाने लगा। अंत मे उसका दोस्त उसके साथ चलने के लिए राजी हो गया। दोनों दोस्त पीली के कोचिंग आ गए।कोचिंग मे छुट्टि हो गई थी। लड़किया कोचिंग से बाहर आ रही थी। दूर से ही पीली ने देखा कि सामंत अपने दोस्त के साथ खड़ा था। सामंत मुसकुराते हुए पीली से बाते करने लगा..।

इतने मे पीली का बड़ा भाई आ गया। पीली के भाई ने सामंत को अपनी बहन के साथ देख कर नाराज हो गया । वह सामंत को एक थप्पड़ लगा देता है। सामंत बोला,”तुमने मुझे मार लिया,पर पीली को कुछ भी मत कहना।” पीली का भाई,फिर गुस्सा हो गया।सामंत के दोस्त ने फिर उसका बचाव किया। कुछ ही महीनों मे पीली कि शादी के लिए एक रिसता आया।

लड़का अच्छा दिखता था..,उस लड़के कि कमाई भी अच्छी थी। वह लड़का पीली के घर आने लगा। पीली भी उसे पसंद करने लगी। कभी-कभी उस लड़के के साथ वह घूमने भी जाती थी।पीली को सामंत देखता रहता,पर वह उसकी ओर देखती भी नहीं थी। सामंत को बहुत बुरा लगने लगा था। वह अपने घर के बाहर बैठा रहता और पीली के बारे मे सोचता रहता..।

पीली से मिलने और उससे बात करने कि सामंत ने बहुत कोशिस कि। लेकिन पीली ने सामंत को मना कर दिया।सामंत देखता रहा और पीली कि उस लड़के के साथ शादी हो गई।”बॉडी बनाई,मार खाया,जैसा कहती वैसा करता,फिर छोड़ क्यू दिया,यार।”आसमान कि और देखते हुए सुचित बोला ..। आपको यह Bewafa love story in hindi कैसी लगी?लव से जुड़ी इस बेवफा लव स्टोरी इन हिन्दी पर हमे अपनी राय या विचार जरूर बताए।

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