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Heart Touching Emotional Story in Hindi -Best emotional story in hindi

आज आप पति और पत्नी के जीवन से जुड़ी एक भावपूर्ण कहानी पढ़ने वाले है।तो आइए Heart touching emotional story in hindi को आगे बढ़ाते है। इस emotional story in hindi को पूरा जरूर पढ़े।

Heart-Touching Emotional Story in Hindi


एक लड़की का नाम रुकमीता  था।रुकमीता  हमेशा गीत गाती और मुस्कुराती रहती थी।रुकमीता के पिता उसे प्यार से चमेली बुलाते थे।

रुकमीता  के पिता एक किसान थे।उनके पिता का एक छोटा सा खेत था। वह उस खेत मे काम किया करते थे।रुकमिता  की मां भी अपने पति के साथ अपने खेत मे काम किया करती थी। रुकमिता  का एक छोटा सा भाई भी था।रुकमीता  की माता-पिता जब अपने खेत मे काम करने जाते थे। तब रुकमिता और उसका भाई भी उनके साथ खेत पर जाते  थे।

रुकमिता  खेत मे गाना गाती और खूब नाचती थी..। उसे देखकर दोनो पति-पत्नी खुशी से फूले नहीं समाते थे..! रुकमिता अब  बड़ी होने लगी थी..।  अब रुकमीता  घर और खेत मे अपने माता-पिता का हाथ भी  बंटाती थी रुकमिता  एक सुंदर और बहुत ही Energetic लड़की थी। वह जब अपने पिता के साथ खेत मेे काम करने जाती। तो आधा से ज्यादा काम वह खुद कर देती थी...। उसके पिता के लिए थोड़ा बहुत ही काम रह जाता था।

रुकमिता के पिता अपनी बेटी से बहुत खुश रहते थे..! कुछ दिन के बाद रुकमिता का marriage एक परिवार मे तय कर दिया जाता है। जिस लड़के के साथ रुकमिता का marriage तय हुआ था। उस लड़के का नाम बादल था।बादल एक मनमौजी युवक था। वह दिनभर अपने घर मे बैठा रहता और टेलीविजन देखता था। बादल की माता कोयला बेचने का काम करती थी। उनके घर के नजदीक एक कोयले की खान थी। उस कोयले की खान के आसपास बहुत सारे कोयले के टुकड़े बिखरे हुए थे।

बादल की माँ उन कोयलों को चुन कर ले आती थी। फिर उन कोयलो को बाजार मे बेच देती थी। बादल की दो बहन भी थी।दोनो बहनो का विवाह हो चुका था। रुकमिता और बादल का marriage हो जाता है..। बादल अपनी शादी से बहुत ही खुश था..! शादी के बाद बादल ने घर से निकलना बिल्कुल बंद कर दिया। पहले तो वह कुछ समय अपने दोस्तो के साथ भी बिताता था। पर शादी के बाद तो जैसे वह घर से बाहर निकला ही नहीं। सारा समय बादल रुकमिता के साथ बिताता था..। बादल अपनी wife रुकमिता को बहुत love करता था..।

रुकमिता की भी नई-नई शादी हुई थी..।वह भी अपने पति बादल के साथ खुश थी..! बादल के विवाह के एक वर्ष बीत चुके थे। शादी के एक साल बाद रुकमिता ने एक लड़की को जन्म दिया। रुकमिता की बेटी बहुत ही सुंदर थी. अपनी बेटी का नाम उसने नंदनी रखा।रुकमिता के माता-पिता भी अपनी बेटी से मिलने आए। रुकमिता ने अपनी बेटी नंदनी को अपने पिता के गोद मेे दिया। अपनी नातिन को देख कर रुकमिता के पिता की आंखो से आंसू बहने लगा..!

नंदनी बिल्कुल अपनी मां रुकमिता की तरह दिखती थी..। रुकमिता के माँ-बाप ने अपनी नातिन को कुछ शगुन दिया और वे लोग अपने घर कि ओर चल दिए। एक दिन बादल घर मे बैठा हुआ था।रुकमिता अपने पति के पास आई.

रुकमिता : तुम कुछ काम क्यू नहीं करते?

बादल : काम तो करता हूँ..। (मुसकुराते हुए)

रुकमिता : क्या काम करते हो?बताना जरा..!

बादल : तुमसे love करने का काम करता हूँ..! (रुकमिता का हाथ पकड़ते हुए) रुकमिता : यह तो ठीक है..! But,ऐसा काम भी करो जिससे घर मे पैसे आए..।

बादल : करूंगा ना..! (अपनी पत्नी की बात को टालते हुए )

रुकमिता : तुम्हारी माँ सारा दिन काम करती है..।मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता..!

बादल : बोला न करूंगा।अभी बहुत समय है! रुकमिता ने बादल को बहुत समझाया..। But,बादल पर रुकमिता की बातों का कोई भी असर नहीं हुआ!

वह बस अपनी तरह से जीवन जीता रहा।रुकमिता को खाली बैठना बिल्कुल पसंद नहीं था। Heart touching emotional story in hindi वह अपनी छोटी बेटी नंदनी को सुला देती थी और अपनी सास के साथ उसके काम मेे हाथ बंटाने लगती थी। उसकी सास उसे मना भी करती तो वह नहीं मानती थी।रुकमिता की सास भी एक मेहनती औरत थी। घर का सरा खर्च रुकमिता की सास ही चलाती थी।

रुकमिता की सास बिल्कुल सुबह उठ जाती थी और कोयला चुनने चली जाती थी। कोयले की बोरियों को वह अपने सर पर उठा कर लाती थी। उन कोयलो को फिर आग मेे डाल कर पकाती थी। फिर उसे बेचने जाती थी। रुकमिता भी अब अपनी सास के साथ कोयला बेचने जाने लगी थी। एक दिन रुकमिता और उसकी सास बाजार मे कोयला बेचने गए हुए थे। उन्होंने अपना सारा कोयला बेच दिया और अपने घर आ गए।

घर पहुंच कर रुकमीता ने देखा कि बादल song गाकर छोटी सी नंदनी को सुना रहा था। नंदनी भी बड़े प्यार से उन गीतों को सुन रही थी। बादल ने एक पुरानी सी undershirt पहन रखी थी।उसके अन्डशर्ट मे छोटे-छोटे hole हो गए थे। रुकमिता अभी तुरंत मार्केट से कोयला बेच कर आई थी। वह फिर अपने घर से मार्केट की ओर चल दी..।बाजार उसके घर से थोड़ी दूरी पर था। पैदल चलते हुए वह मार्केट पहुंच गई।वह एक कपड़ो कि दुकान मे गई। रुकमिता ने दुकानदार को Male के Undershirt दिखाने को कहा..।

दुकानदार ने उसे एक अन्डशर्ट दिखाया। वह बनियान रुकमिता को पसंद नहीं आई..। उसने दुकानदार को और भी अन्डशर्ट दिखाने को कहा। इस बार दुकानदार ने उसे एक costly अन्डशर्ट दिखाई। रुकमिता को यह अन्डशर्ट बहुत अच्छी लगी..। उसने वह अन्डशर्ट बादल के लिए खरीद लिया। अपने husband के लिए वह अन्डशर्ट खरीद कर रुकमिता बहुत खुश हुई..। अन्डशर्ट खरीद कर रुकमिता अपने घर आ गई..। रुकमिता ने बादल को new अन्डशर्ट दिया और उसे पहनने के लिए कहा। बादल emotional होकर रुकमिता की ओर देखने लगा.

रुकमिता अपने husband बादल के करीब आई।उसने बादल को hug कर लिया।अगले दिन बादल के माता-पिता अपनी बेटी के घर चले गए। नंदनी के लिए उस दिन दूध नहीं बचा था।क्योंकि उस दिन सारा दूध रुकमीता से गलती से गिर गया था। अपनी छोटी सी बेटी(नंदनी) को hungry  देखकर रुकमिता रोने लगी..! इतने मे बादल घर मे प्रवेश करता है।वह घर से बहार कही घूमने गया हुआ था।

बादल(अपनी पत्नी को देख कर ): तुम रो क्यू रही हो..!

रुकमित: जुगनू के पीने के  लिए जो दूध रखा था।वह मुझसे गिर गया..। 

बादल: बस इतनी सी बात ..!मुझे पैसे दो..मै ले आता हूँ..। 

रुकमिता: मेरे पास पैसे नहीं है..। 

बादल (चिंतित होकर ): मै पैसों का इंतजाम करता हू..।

इतना कह कर बादल घर से बाहर चला गया। बादल  अपने एक दोस्त के पास गया और उससे कुछ पैसे मांगे।दोस्त ने उसे बहुत तरह की मजबूरीयां  बता दी..!

वह अपने एक दूसरे दोस्त के पास पहुंचा और उससे पैसे मांगे। दूसरे दोस्त ने भी उसे पैसे नहीं दिए..। “बादल सोचने लगा कि अगर वह भी काम करता तो उसे आज किसी के भी पास हाथ फैलाना नहीं पड़ता..।” वह निराश होकर अपने घर लौट आया..! घर आकार बादल ने नंदनी देखा..

उसे देख कर बादल की आँखो से आँशु बहने लगे..! वह अपनी बेटी को उठाया और अपने सिने से लगा लिया। अपनी बेटी(नंदनी) को गोद मे लेकर वह फुट-फुट कर रोने लगा..! तभी उसकी मां ने घर मे फोन किया..। रुकमिता ने अपनी सास को सारी बात बताई। सास ने उसे घर का बिस्तर हटाने को कहा..।

रुकमिता ने बिस्तर हटाया और उसे पैसे मिल गए। पैसो से नंदनी के लिए दूध लाया गया। इस घटना के बाद बादल भी सुधर गया और कामकाज करने लगा।

An important lesson of this heart-touching emotional story in Hindi

हमे अपने family की जरूरतो को पूरा करना चाहिए।यह हमारी सबसे important जिम्मेदारी है।बहुत से लोग अपनी इन जिम्मेदारियो से भागते है।अपनी responsiblity  को पूरा नहीं करना बिल्कुल सही नहीं है।अपने फॅमिली की  need को fullfill करने के लिए हमे दूसरो से money भी  कभी नहीं मांगने चाहिए।खुद हमे इतना money  कमाना चाहिए कि हम अपने family की need को पूरा  कर सके।धन के अभाव  मे न जाने कितने परिवार टूट कर बिखर चुके है।

आपको यह emotional  story in hindi कैसी लगी?साथ ही आप heart touching emotional story in hindi के बारे मे अपनी राय जरूर बताए।हमारे साथ जुड़ने के लिए आपका हृदय से आभार!

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