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Looking For a Good Moral Story Hindi

आज भी दुनिया मे बहुत जगह बेटियो को सोसाइटी मे बोझ की तरह समझा जाता है।इस Looking for a good moral story की नई स्टोरी मे आप एक पिता और उसकी तीन बेटियों की कहानी पढ़ेंगे।जिसमे ऊन बेटियो के फादर ने अपनी daughters को सिर्फ प्यार ही नहीं दिया।

बल्कि उन्हे इस काबिल बनाया की हर कोई बेटियों पर proud कर सके।तो आइए लूकिंग फॉर अ गुड मोरल स्टोरी की इस बेस्ट नैतिक कहानी को शुरू करते है।

Looking for a good moral story :प्रवीण सिंह की तीन बेटियाँ थी।

Looking for a good moral story

अपनी तीनों बेटियो को प्रवीण सिंह बहुत दुलार करते थे।प्रवीण सिंह की बेटियाँ भी अपने पिता का बहुत ख्याल रखती थी। सुबह मे प्रवीण सिंह की समय बेटियाँ चाय लेकर उनके पास पहुँच जाती थी। बड़े प्यार से उनकी बेटियाँ अपने पिता को जगाती थी। प्रवीण सिंह के उठते ही चाय की प्लेट उनके हाथ मे उनकी बेटियाँ दे देती थी।

तीनों बेटियाँ अपने पिता की बहुत सेवा करती थी प्रवीण सिंह की बेटियाँ बहुत छोटी थी,जब उनकी पत्नी का देहांत हो गया था। तीनो बेटियो की परवरिश की सारी जिम्मेवारी प्रवीण सिंह पर आ गई थी उस समय प्रवीण सिंह बिल्कुल अकेले पड़ गए थे।

तीनो बेटियो को अकेले पालना उनके लिए आसान नहीं था। लेकिन प्रवीण सिंह ने अपनी तीनों बेटियो की परवरिश खुद ही कि वह बहुत सुबह उठ जाते थे। सुबह उठते ही वह अपनी बेटियो के लिए खाना बनाने लगते थे भोजन तैयार हो जाने के बाद,वह अपनी बेटियो को स्कूल के लिए तैयार करने लगते थे।

इसके बाद वह अपनी बेटियो को बड़े प्यार से खाना खिलाते थे। फिर अपनी तीनो बेटियो को स्कूल छोड़ने जाते थे। उनकी बेटियो को जब कभी उनकी mother की याद आती तो वह अपनी बेटियो से कहते..”बेटा अब मै ही तुमलोगो की माँ हूँ।” अपनी बेटियों को देखकर कभी-कभी उनकी भी आँखे भर आती थी।

एक पिता की तरह प्रवीण सिंह अपनी बेटियो का पालन-पोषण करते। इसके अलावा एक माँ की तरह प्रवीण सिंह उन्हे प्यार-दुलार करते थे एक मदर का शरीर तो उनके पास नहीं था। लेकिन एक माँ की आत्मा उनके भीतर जरूर मौजूद थी।

प्रवीण सिंह की बड़ी बेटी का नाम अहिल्या था ज्योति नाम की उनकी दूसरी बेटी थी, उनके सबसे छोटी बेटी का नाम प्रभा था। प्रवीण सिंह एक दिन अपनी बेटियो के साथ कुछ समान खरीदने के लिए बाहर गए हुए थे। एक किराने के दुकान मे प्रवीण सिंह कुछ खाने-पीने का समान खरीद रहे थे। उसी समय उनका एक दोस्त उन्हे मिला।

प्रवीण सिंह के दोस्त ने उन्हे गले लगा लिया हालांकि प्रवीण सिंह भी अपने दोस्त से बड़े प्यार से मिले। प्रवीण सिंह का दोस्त ने उनसे पूछा।”तुम्हारे कितने Son है?” अपनी बेटियो की ओर इसारा करते हुए कहा,”मेरे तीन बेटे है।”

उनका दोस्त बोला,”अरे मै बेटो की बात कर रहा हूँ।ये तो बेटियाँ है।” प्रवीण सिंह ने कहा,”ये ही मेरे बेटे है।”। उनका दोस्त फिर बोला,यदि तुम्हारे बेटे होते ,तो ज्यादा अच्छा होता..। बेटो से ही तो हमारी शान है।

प्रवीण सिंह की बेटियाँ उनके पास ही खड़ी थी और सबकुछ सुन रही थी इतना कह कर प्रवीण सिंह का दोस्त चला गया। अपने दोस्त की बात सुनकर प्रवीण सिंह और उनकी बेटियाँ थोड़ा मायूस हो गए। प्रवीण सिंह ने देखा कि उनकी बेटियाँ उदास थी।

तुरंत ही प्रवीण सिंह ने अपनी बेटियो से कहा.. “दुनिया क्या सोचती है मुझे क्या पता,लेकिन मुझे मेरी daughters पर गर्व है। प्रवीण सिंह अपनी बेटियो को देख कर मुस्कुराने लगे। अपने पिता को देख कर तीनों बेटियो की आँखो मे आँशु भर आए। इसके बाद प्रवीण सिंह और उनकी बेटियाँ अपने घर लौट आते है।

कुछ दिनों के बाद प्रवीण सिंह को उनके गांव से एक आमंत्रण मिलता है। दरअसल प्रवीण के चचरे भाई के बेटे की शादी थी और उसने उन्हे शादी मे आने को कहा..। प्रवीण का चचेरा भाई उसी के उम्र का था और गांव मे रहता था। अपनी बेटियों को लेकर प्रवीण सिंह अपने चचेरे भाई के घर चला जाता है।

प्रवीण का चचेरा भाई अपने घर मे उसका स्वागत करता है। उनकी बेटियाँ भी अपने चाचा को प्रणाम करती है। प्रवीण के चचेरे भाई ने उनकी बेटियो को आशीर्वाद दिया। एक-एक करके सारे रिस्तेदार प्रवीण के चचेरे भाई के घर मे आ रहे थे। सारे रिस्तेदारों से प्रवीण भी बड़े प्यार से मिलता था।

सारा दिन सभी रिस्तेदार बैठ कर बातचीत किया करते थे। रिस्तेदार लोग प्रवीण सिंह पर तरस खाते..और उन्हे छोटा समझते थे। क्यूंकि प्रवीण सिंह केवल बेटियो के पिता थे। कुछ रिस्तेदार लोग तो उनका मजाक भी उड़ाते थे। जब रिस्तेदारो के द्वारा प्रवीण सिंह का मजाक बनाया जाता।

तब उनकी बेटियाँ अपने पिता को देख कर रोने लगती थी। अहिल्या ने एक दिन अपने पिता से कहा....,मै यहाँ और नहीं रह सकती। क्यूंकि यहाँ आपका सम्मान नहीं होता उनकी बाकी बेटियाँ भी उनसे उनके घर चलने के लिए कहने लगी..।

प्रवीण सिंह बोले,”मुझे इन लोगों की बातो का बुरा नहीं लगता, क्यूंकी इन लोगों मे समझ की कमी है। उन्होंने अपनी बेटियो को बहुत समझाया और उन्हे यहाँ शादी तक रुकने के लिए बोले..। प्रवीण सिंह के चचेरे भाई ने अपने बेटे की शादी बड़े धूमधाम से कि। जब से तीनो लड़किया अपने चाचा के घर से आई थी।


तब से सारी लड़किया बहुत उदास थी जब प्रवीण सिंह ने देखा कि उनकी सारी बेटियाँ दुखी है। तो वह चुटकुले सुना को smile कराने का प्रयास करने लगे। बेटियो की मुस्कुराहट वापस आने मे कुछ दिन लगे फिर सबकुछ पहले जैसा हो गया।

अहिल्या एक दिन अपने घर के किचन मे गाना गा रही थी। ज्योति अपना मोबाईल लेकर अहिल्या के गाने का विडिओ बनाने लगी। अगले दिन ज्योति ने अहिल्या के गाने का विडिओ सोशल मीडिया मे डाल दिया। अहिल्या के गाने का विडिओ को लोग सोशल मीडिया पर बहुत पसंद करने लगे। उसके गाने के विडिओ को बहुत सारे लाइक मिले।

जल्द ही अहिल्या विडिओ सोशल मीडिया मे वाइरल हो गया बड़े-बड़े म्यूजिक डायरेक्टरो ने अहिल्या को गाना गाने के लिए ऑफर किया इसके बाद अहिल्या ने बहुत सारे गाने गाए। बड़े-बड़े गाने के कार्यक्रम मे उसे बुलाया जाने लगा..। बड़े-बड़े न्यूज चैनल और अखबार वाले अहिल्या का इंटरव्यू लेने के लिए उसके घर आने लगे।

मीडिया के लोग अहिल्या के साथ उसके पिता का भी इंटरव्यू लेने लगे। अहिल्या अब एक सेलिब्रिटी सिंगर बन चुकी थी और प्रवीण सिंह अब सेलिब्रिटी सिंगर के पिता थे। जो लोग प्रवीण सिंह और उनकी बेटियो पर हँसते थे। ऊन लोगों की बोलती अब बंद हो गई थी। प्रवीण सिंह को छोटा समझने वाले लोग अब उनके सामने खुद बहुत छोटे हो गए थे।

अहिल्या ने अपनी दोनों छोटी बहनों को फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कराया। वे दोनों बहने भी एक बड़े फैशन डिजाइनर बन गए। तीनों बेटियो ने न केवल अपना नाम रोशन किया। बल्कि अपने पिता प्रवीण सिंह सीना भी गर्व से चौड़ा कर दिया।

महत्वपूर्ण शिक्षा Important lesson looking for a good moral story:

Daughters को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए।बेटियाँ भी समाज और सोसाइटी का एक मजबूत हिस्सा है।

आपको यह looking for a good moral story कैसी लगी।लूकिंग फॉर अ गुड मोरल स्टोरी की नई कहानी पर हमे अपनी राय या मत जरूर बताए।
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