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Mahatma Buddh ki Motivational Kahani महात्मा बुद्ध का प्रवचन

दोस्तों आज हम आपके लिए एक तिरस्कृत लड़की और भगवान बुद्ध के लाइफ से जुड़ी एक सच्ची कहानी बताने वाले हैं जब महात्मा बुद्ध ने एक लड़की की ख्वाहिश के जरिए law of attraction को साबित किया था।तो चलिए इस महात्मा बुद्ध की कहानी को अब शुरू करते हैं

Mahatma Buddh Motivational Story

Mahatma Buddh ki kahani: महात्मा बुद्ध अक्सर भ्रमण करते थे इसके अलावा लोगों को उपदेश देने के लिए लिए जाया करते थे उन्हें जब मन होता तो वह गांव और शहर या छोटे कस्बे में पहुंच जाते थे।

उस समय उनके साथ उन के बहुत सारे अनुयाई भी होते थे एक भिक्षा का पात्र या बर्तन सभी अनुयायियों के पास होता था।

इसके अलावा महात्मा बुद्ध भी अपने पास एक भिक्षा का पात्र रखते थे। पूरे साल के 12 महीनों में 8 महीने तक महात्मा बुध और उनके अनुयाई घूमते थे तथा लोगों को उपदेश देते थे। लेकिन बाकी के 4 महीने जो वर्षा का मौसम होता था जिसे चातुर्मास कहा जाता था।  उन महीनों में गौतम बुद्ध और उनके followers किसी एक स्थान पर रुक जाते थे। क्योंकि बरसात के मौसम में पैदल यात्रा करना आसान नहीं होता था।

एक बार की बात है कि महात्मा बुध एक छोटे से गांव में गए हुए थे साथ में उनके बहुत सारे अनुयाई लोग भी थे। वह गांव काफी छोटा था और उस गांव में गरीब लोग रहा करते थे। गांव के लोग Mahatma Buddh को देखकर बहुत प्रसन्न हो गए वह सोचने वह सोचने लगे कि इतना बड़ा महात्मा हमारे गांव आया है ।

हम इनका किस प्रकार से स्वागत करें इन्हें क्या खिलाएं पिलाएं अथवा इनका सत्कार किस प्रकार से किया जाए?  पूरा गांव काफी उत्सुक भी था..! तभी महात्मा बुध एक पेड़ के नीचे बैठ जाते हैं वह पेड़ गांव के बाहर था।  जब महात्मा बुध पेड़ के नीचे बैठ जाते हैं । तो गांव के सारे लोग भी उस पेड़ के आसपास बैठ जाते हैं।  1 घंटे बीत जाते हैं पर महात्मा बुध कुछ नहीं कहते हैं। बिल्कुल मौन ही बैठे रहते हैं  तभी गांव के मुखिया ने महात्मा बुद्ध से कहा,भगवान आप कुछ कहते क्यों नहीं..।  हम सभी लोग आपको सुनना चाहते हैं।

तब महात्मा बुद्ध बोले मैं जिसके लिए कहना चाहता हूं। वह भी आई नहीं है आधे घंटे और बीत जाते हैं। तब 14 या 15 साल की लड़की उसी स्थान पर आती है। वह महात्मा बुद्ध को बड़े स्नेह भाव से देख थे। फिर वह लड़की महात्मा बुद्ध को प्रणाम करती है जहां महात्मा बुध और उनके अनुयाई बैठे हुए थे।  वह लड़की उनलोगो के पास बैठ जाती है।

Law of attraction

इसके बाद महात्मा बुद्ध बोलना शुरू करते हैं।  महात्मा बुध कुछ समय तक लगातार बोलते रहते हैं। उनकी बातों में ज्ञान और शांति की बातें समाई हुई थी। गांव का मुखिया फिर बोला, इस लड़की के आने के बाद ही आपने बोलना शुरू क्यों किया? तब महात्मा बुध कहते हैं..,इस लड़की ने मुझसे मेरी बातों को सुनने का अनुरोध बहुत पहले किया था।

इसलिए मैं यहां आया और इसके आने के बाद ही बोलना शुरू किया। अगर मैं ऐसा नहीं करता। तो इसके लिए मुझे दूसरा जन्म लेना पड़ता । यदि पूरे दिल से कोई इच्छा की जाए तो उसे प्रकृति भी पूरा करती है बस बात पूरे मन से इच्छा जाहिर करने की है।

आगे बुद्ध कहते है..।महात्मा बुद्ध तो मर सकते हैं। मगर बुद्धत्व कभी नहीं मर सकता क्योंकि बुध सिर्फ एक शरीर है।  मगर बुद्धत्व एक शरीर नहीं बल्कि एक परंपरा है। मेरे से पहले भी कई बुध इस दुनिया में आए और मेरे जाने के बाद भी बहुत से बुध इस दुनिया में आएंगे।

 दरअसल बात यह थी इस लड़की ने भगवान बुद्ध को सुनने की चाहत पिछले जन्म में जाहिर की थी। लेकिन किसी कारणवश वह पूरा नहीं हो पाया । लेकिन महात्मा बुध का उपदेश सुनने की ख्वाहिश उस लड़की के आत्मा में बिल्कुल बैठे हुए थे। जिसके कारण नेचर को उसकी यह बात माननी पड़ी।

महत्वपूर्ण शिक्षा :An important lesson of this Motivational Mahatma Buddh story in Hindi 

पूरे हृदय से की गई चाहत या ख्वाहिश हमेशा पूरी होती है।बस..! बात सच्चे दिल से डिजायर करने की है।हाल के दशकों में इसे Law of attraction का नाम दिया गया है ध्यान से देखा जाए तो महात्मा बुद्ध ने लॉ ऑफ अट्रैक्शन के नियम को बहुत पहले explain कर दिया था।

आपको महात्मा बुध और इस लड़की की motivational story कैसी लगी Mahatma Buddh ki kahani पर हमें अपने मत या विचार हमें जरूर बताएं।

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