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Motivational Real Story in Hindi | True life story | आर्थर ऐश की कहानी

आज आप आर्थर रॉबर्ट ऐश की जीवन की सच्ची प्रेरणाओ से भरी सत्य कहानी पढ़ने वाले है।तो चलिए Motivational real story in hindi को अब शुरू करते है।

Motivational Real Story in Hindi

आर्थर रॉबर्ट ऐश जब बहुत छोटे थे। तब एक दिन आर्थर ऐश ने एक लड़के को लॉन टेनिस खेलते देखा।फिर क्या था..?आर्थर के दिमाग मे बस टेनिस का खेल घर कर गया।

Motivational Real Story in Hindi

अब आर्थर ऐश रोज टेनिस खेलने लगा। एक दिन इसी प्रकार आर्थर ऐश अपने एक फ्रेंड के साथ टेनिस खेल रहा था। आर्थर ऐश का फ्रेंड ने उसे टेनिस के खेल मे हरा दिया।इसके बाद Arthur Robert Ashe के मित्र ने उससे कहा कि तुम मुझसे कभी भी नहीं जीत सकते। अब आर्थर रॉबर्ट ऐश रोज अपने मित्र के साथ टेनिस का मुकाबला करने लगा। लेकिन हर बार आर्थर रॉबर्ट ऐश का फ्रेंड उसे लॉन टेनिस मे हरा देता था।

एक दिन अपने मित्र से टेनिस के गेम मे हारने के बाद आर्थर ऐश अपने घर आते है। फिर आर्थर ऐश यह सोचने लगते है कि मै आखिर रोज अपने मित्र से टेनिस मे हार क्यो जाता हूं? True life story of a champion इस बात से आर्थर ऐश थोड़े दुखी भी थे।यह सोचते हुए आर्थर सो गए। सुबह के समय आर्थर ऐश बहुत ही जल्दी उठ कर अपने घर के पास टेनिस कोर्ट मे पहुंच जाते है।

आर्थर रॉबर्ट ऐश टेनिस गेम का प्रैक्टिस करने लगते है।आर्थर लगातार अपना बैडमिंटन लेकर टेनिस बॉल को हिट कर रहे थे।आर्थर ने चार घंटे तक टेनिस का अभ्यास करते रहे। शाम के समय आर्थर ऐश अपने मित्र के साथ टेनिस खेलने लगे। इस बार आर्थर रॉबर्ट ऐश ने अपने मित्र को टेनिस मे हरा दिया। इस जीत ने आर्थर रॉबर्ट ऐश के भीतर गजब का कॉन्फिडेंस भर दिया।

इसके पहले आर्थर रॉबर्ट ऐश यह समझते थे कि मै अपने फ्रेंड को नहीं हरा सकता। लेकिन उनके एक दिन के टेनिस के अभ्यास ने उन्हें जीत दिला दी। साथ ही आर्थर ऐश को यह समझ आ गया कि लगातार practice से सबकुछ possible है।आर्थर ऐश को अब victory का मंत्र मिल गया था। अब आर्थर रॉबर्ट ऐश रोज लॉन टेनिस का अभ्यास करने लगे।इसके बाद आर्थर ऐश ने अपनी life मे कभी भी मुड़ कर नहीं देखा।

आर्थर ऐश ने 1975 मे wimbledon विश्व प्रतियोगिता मे हिस्सा लिया था। विंबलडन लॉन टेनिस के फाइनल मे आर्थर ऐश का मुकाबला जिम्मी कॉर्नर से हुआ था। इससे पहले जिम्मी कॉर्नर ने आर्थर रॉबर्ट ऐश को 3 बार हराया था। सभी लोग यह सोच रहे थे कि इस बार भी आर्थर ऐश को जिम्मी कॉर्नर पराजित कर देंगे। आर्थर ऐश ने विंबलडन लॉन टेनिस के फाइनल के लिए खूब पसीना बहाया था। विंबलडन के फाइनल मैच मे आर्थर ऐश ने जिम्मी कॉर्नर को कड़ी टक्कर दी और उन्हे हरा दिया।

आर्थर ऐश विंबलडन लॉन टेनिस विश्व प्रतियोगिता जितने वाले पहले ब्लैक मैन बने। इस victory से आर्थर ऐश को बहुत ख्याति मिली। इसके कुछ सालो बाद आर्थर रॉबर्ट ऐश के लाइफ मे एक नया टर्न आता है। एक बार आर्थर ऐश का तबियत खराब हो जाता है। आर्थर ऐश को ब्लड चढ़ाया जाता है। जिस खून को आर्थर ऐश के शरीर मे डाला गया था।
उस खून मे एच.आई.वी वायरस मौजूद था और गलती से आर्थर ऐश को वह खून चढ़ा दिया जाता है। बदकिस्मती से आर्थर ऐश को A.I.D.S हो जाता है।जब यह बात दुनियां तक पहुंचती है। तो आर्थर रॉबर्ट ऐश के फैंस बहुत दुखी होते है।एक छोटा बच्चा जो आर्थर ऐश फैन था।

उस बच्चे ने आर्थर ऐश को लेटर लिखा..। जिसमे लिखा था..मुझे बहुत दुख है.! यह बीमारी मुझे हो जाती।ईश्वर ने आपके साथ ही ऐसा क्यू किया..। आर्थर रॉबर्ट ऐश ने उस बच्चे का लेटर पढ़ा..। फिर आर्थर ऐश ने रिप्लाई मे उस बच्चे को एक लेटर लिखा। आर्थर रॉबर्ट ऐश ने लिखा..। जब मैं विंबलडन विश्व चैंपियनशिप जीता। तब मेरे जैसे बहुत से खिलाड़ी ने इसमें हिस्सा लिया था। मैने बहुत तैयारी की थी..।

लेकिन मैने यह भी देखा की बाकी खिलाड़ियों ने भी बहुत मेहनत किया था। पर ईश्वर ने मुझे ही विंबलडन प्रतियोगिता मे जीत दिलाई।बाकी सभी प्लेयर हार गए। तब तो मैने कहा था कि ईश्वर ने मेरे साथ अच्छा किया। फिर जब यह बीमारी मुझको हुई,दूसरो को नहीं..।

तब मै यह कैसे कह दूं कि मेरे साथ बुरा हुआ..! मै जिस हालत मे हूं,मै ईश्वर या कोई और को दोषी नहीं मानता। इसके कुछ ही सालो के बाद आर्थर ऐश की मृत्यु हो जाती है। हंसते हुए आर्थर इस दुनियां को छोड़ कर चले जाते है। आपको आर्थर ऐश की Motivational real life story in hindi कैसी लगी। इस रीयल लाइफ मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी अपने विचार हमे जरूर बताए।

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