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Motivational Story in Hindi With Moral कभी निराश मत होना

Motivational story in hindi with moral: एक गांव मे एक जवान लड़का रहता था।उस लड़के का नाम झुलनलाल था।झूलनलाल  का शरीर से बहुत ही दुर्बल था।उसका रंग सांवला और चेहरा बहुत छोटा था।

Motivational Story in Hindi With Moral

वह कमजोर और कुरूप दिखता था। वह अपने लिए काम की तलाश कर रहा था।वह इस उद्देश्य से बहुत से लोगो से मिला। पर किसी ने भी उसे अपने यहां काम पर नहीं रखा..। फिर एक दिन वह एक सेठ से मिलने गया।सेठ का चावल का का एक बहुत ही बड़ा गोदाम था। सेठ ने उसे चावल की बोरी उठाने का काम दे दिया।

झुलनलाल एक कमजोर युवक था।वह चावल की बोरियां ठीक तरह से उठा नहीं पाता था।सेठ ने उसे काम पर आने से मना कर दिया। अब झुलनलाल  हार मान चुका था वह निराश होकर अपने घर मे बैठा था।


Best Motivational story in hindi with moral

एक दिन झुलनलाल एक पेड़ के नीचे बैठा था। उसके हाथों मे एक कलम थी।और वह कुछ लिख रहा था..। एक आदमी उसके पास आकार बैठ गया।उसने झुलनलाल से उसकी नोटबुक देने को कहा..। झुलनलाल ने अपना नोटबुक उसे दे दिया।झुलनलाल को बचपन से ही लिखना बहुत पसंद था।उस नोटबुक मे उसने एक लंबी और अच्छी कहानी लिखी थी। झुलनलाल के पास बैठे व्यक्ति को वह कहानी बहुत पसंद आई।

वह व्यक्ति का अपना प्रिंटिंग प्रेस था जिसमे वह किताबे प्रकाशित करता था। ऊस व्यक्ति ने झुलनलाल की कहानी को एक उपन्यास का रूप दे दिया।और उसे प्रकाशित कर दिया।झुलनलाल का उपन्यास लोगो को बहुत पसंद आने लगा। लनलाल बहुत प्रसिद्ध हो गया।आगे चल कर वह बहुत बड़ा उपन्यासकार बन गया।

महत्वपूर्ण शिक्षा:

यदि कई बार आप हार गए हो अथवा असफलता हो गए हो।तो भी हमे गम  नहीं करना चाहिए।क्यूंकि ढेर सारी  नाकामयाबीयां भी उन्ही को मिलती है।जिन्हे आगे चल कर बहुत बड़ी कामयाबी मिलनी होती है।

 मदत करो मदत मिलेगा 

 Motivational story in hindi with moral :रोहित का घर एक नदी के पास था।वह रोज नदी मे स्नान करने जाया करता था।उस नदी के किनारे कुछ मंदिर बने हुए थे।मंदिर थोड़ी ऊँचाई पर बनाई गई थी और मंदिर के ठीक नीचे नदी बहती थी।

एक दिन मंदिर मे पूजा के लिए बहुत भीड़ लगी हुई थी। रोज की तरह वह लड़का नदी मे स्नान करने आया।उसने स्नान करना शूरु ही किया था,तभी एक 6 वर्ष का छोटा सा बालक नदी में गिर गया। उस छोटे से लड़के को नदी मे गिरता देख रोहित भी नदी मे कूद गया। उस समय नदी मे काफी पानी था तथा नदी के पानी का बहाव भी तेज था।रोहित तेजी से तैरते हुए उस छोटे से बालक के पास पहुँच गया और उसे नदी से बाहर निकाला।

उस घटना के कुछ वर्ष बीत जाने के बाद एक दिन रोहित व्यापार के सिलसिले से कही जा रहा था तभी रोहित की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। रोहित बुरी तरह से जख्मी था।उसके सर पर काफी चोट आई थी वह सड़क पर पड़ा हुआ था।बहुत से लोग उस समय वहाँ से गुजरे, पर किसी ने भी रोहित की मदत नहीं कि।

अचानक से एक गाड़ी रुकी।उसमे से एक युवक बाहर आया। उसने रोहित को उठा कर अपनी गाड़ी मे बिठाया और अस्पताल ले गया। कुछ देर बाद रोहित को होश आई।  तभी रोहित ने उस युवक से कहा,'क्या तुमने मेरी जान बचाई?'

युवक ने उत्तर दिया..,20 वर्ष पहले आपने मेरी जान बचाई थी..।

महत्वपूर्ण शिक्षा

हमे हमेशा दूसरो की अपनी क्षमता के अनुसार  help  करनी चाहिए।यह किसी को नहीं पता की कब कौन हमारे काम आ जाए। 

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