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True Motivational Story in Hindi - Real Motivational story in hindi

दोस्तो,यह कहानी मेरी है। मेरे जीवन मे जो हुआ।मैने कभी कल्पना भी नहीं की थी।True motivational story in hindi जो मुझसे जुड़ी है। यह सच्ची कहानी(true story) मै इसीलिए आपलोगो तक पहुँचाना चाहता हूँ।क्यूंकि लाइफ मे बहुत सी मुसीबते ऐसी होती है।

True Motivational Story in Hindi

जो हमे बिल्कुल weak बना देती है। हमे उस समय चारो तरफ  darkness ही नजर आता है। इससे बहार आना बहुत difficult होता है। अगर ऐसी condition से बहार आना चाहते है। तो मेरे life से जुड़ी इस true story को पूरा पढ़िए..।मुझे उम्मीद है कि इसे पढ़ने के बाद आपलोगो को विषम परिस्थिति से लड़ने का हौसला जरूर मिलेगा। साथ ही आप अपने जीवन से प्यार करने लगेंगे

True Motivational Story in Hindi

आज से पंद्रह साल पहले, मै बारहवी कक्षा मे पढ़ता था।मै बारहवी मे साइंस का स्टूडेंट था। मैने बारहवी का परीक्षा दिया और मै फेल हो गया। मेरे माता-पिता बहुत दुखी थे,पर उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं कहा..। बारहवी का रिजल्ट मेरे हाथों मे था। रिजल्ट देख कर मेरे आँखों से आँशु बहने लगे। मै मेरे घर के एक कमरे मे चला गया और फुट-फुट कर रोने लगा। मेरे माता-पिता और मेरे दोस्त मुझे बहुत समझा रहे थे,पर मै रोए जा रहा था।

मै भी अपने आप को समझने कि बहुत कोशिस कर रहा था। मेरी दिल मुझसे कह रहा था,”यदि तूने पढ़ाई कि होती,तो तू भी पास कर जाता।”मै बहुत दुखी था..! दसवी मे मै एक अच्छा विद्यार्थी था। मै पढ़ाई-लिखाई मे बहुत ध्यान भी देता था। दसवी कि पढ़ाई मुझे अच्छी तरह से समझ भी आती थी।मै एक हिन्दी माध्यम का विद्यार्थी था। ईलेवन्थ स्टैन्डर्ड मे मैंने अंग्रेजी माध्ययम के साथ पढ़ाई करना शुरू किया।

मुझे अंग्रेजी माध्यम मे विज्ञान कुछ समझ ही नहीं आता था। गणित तो मुझे समझ आता था।परंतु भौतिकी और रसायन विज्ञान मुझे कुछ समझ ही नहीं आता था। शुरुआत मे मैंने ईलेवन्थ मे बहुत मेहनत किया।लेकिन समझ न आने कि वजह से मैने मेहनत करना बंद कर दिया। Best true motivational story in hindi मै एक छोटे शहर मे रहता था और अच्छे विज्ञान के शिक्षक मुझे नहीं मिल पाए। पंद्रह साल पहले इंटरनेट का भी उतना प्रचलन नहीं था। स्मार्ट फोन भी उस समय नहीं के बराबर उपलब्ध थे।

कुछ लोग मोबाईल का इस्तेमाल तो करते थे। But,पर उससे केवल बाते होती थी। आज के दौर मे तो ग्रामीण पृष्टभूमि के बच्चे भी एक स्मार्ट फोन लेकर इंटरनेट या You Tube के माध्यम से दूर बैठ कर पढ़ाई कर लेते थे.

लेकिन आज से पंद्रह साल पहले मुझे उतनी सुविधा नहीं मिल पाई।मैंने पढ़ाई-लिखाई मे ध्यान देना बंद कर दिया।परिणामतः मै फेल हो गया। फेल हो जाने बाद,मैंने फिर से ईलेवन्थ कि परीक्षा देने का निर्णय लिया। मै बहुत ही ज्यादा मानसिक तनाव(depression) मे था। मै रात को सोने भी जाता..।तो तनाव कि वजह से मुझे नींद नहीं आती थी..। यह मै अच्छी तरह जनता था कि विज्ञान मुझे समझ नहीं आता है। पर मै किसी भी तरह पास करना चाहता था।

इसीलिए मैंने निर्णय लिया कि मै बिना समझे भौतिकी और रसायन विज्ञान को रटूँगा। रट कर कम से कम मै पास तो हो जाऊंगा। मै धीरे-धिरे कर इन विषयो को रटने लगा और मुझे याद भी हो जाते थे। मै दिन रात भौतिकी और रसायन को रटने लगा। इसी समय एक अजीब सी बीमारी मैंने अपने शरीर मे महसूस की। मेरा हाथ और पैर बिना किसी वजह के काँपने लगा था। हर समय मेरा हाथ और पैर काँपता रहता..। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि मै क्या करू..? कुछ दिन के बाद मेरा गर्दन भी काँपने लगा..। एक बुढ़ा आदमी का शरीर जिस प्रकार से काँपता है। कुछ उसी प्रकार से मेरा शरीर भी काँपता रहता..। मैंने अपने माता -पिता से इसके बारे मे कुछ भी नहीं कहा..।

ऐसा अस्वस्थ शरीर भी लेकर भी मै पढ़ता रहता..। very inspiring story in hindi मेरा मन करता था कि मै पढ़ाई-लिखाई छोड़ दु। लेकिन माँ-पापा के लिए मै बारहवी कि परीक्षा पास करना कहता था। काँपता हुआ शरीर लेकर मैंने बारहवी कि परीक्षा दी..और मैने पास भी हो गया। लेकिन मेरा शारीरिक स्वास्थ बिगड़ता जा रहा था..। मेरे घुटने की भी हड्डीया बढ़ने लगी थी। कुछ दिनों के बाद मेरे घुटने मे बहुत दर्द रहने लगा।

चलने-फिरने मे भी मुझे बहुत तकलीफ होने लगी। एक तो पहले से ही मेरा शरीर काँपता रहता था। ऊपर से घुटने कि भी समस्या मुझे होने लगी। मै छोटी-मोती चीजे भी नहीं उठा पाता था। मेरा हाथ-पैर और गर्दन बहुत ज्यादा काँपने लगा था। खड़े होकर चलने मे भी मुझे बहुत परेशानी होती थी। मेरा Face अजीब हो गया था। मै young था,but बुढ़ापे कि जिंदगी मै जी रहा था।मै बस अपने जीवन मे नर्क भोग रहा था। मुझे लगता था कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं हो सकता।

मेरे पिताजी टाटा कंपनी मे काम करते थे। Real motivational story in hindi मेरे पूरे परिवार को मुफ़्त मेडिकल कि सुविधा टाटा कंपनी से प्राप्त थी। लेकिन मुझे ऐसा लगता था की ऐसी बीमारी किसे हुई होगी?मै मेरे परिवार के किसी भी व्यक्ति को मेरे बीमारी के बारे मे बताना नहीं चाहता था। मै उन्हे मेरी वजह से दुखी करना नहीं चाहता था..। एक दिन मैंने सोच की जाकर आत्महत्या कर लू। परन्तु मेरे आँखो के सामने मेरे माता-पिता का चेहरा आ जाता था। वे लोग मुझे बहुत बहुत प्यार करते थे।

इसीलिए(Therefore), मैंने आत्महत्या नहीं कि। मै अकेले मे जाकर बहुत रोता था।God को मै बहुत कोसता था..! ईश्वर से मुझे बहुत शिकायत थी..। मै एक दिन अपने मोहल्ले के ग्राउन्ड मे गया। मेरे सारे दोस्त ग्राउन्ड मे फुटबॉल खेल रहे थे। मुझे भी खेलने का मन कर रहा था। लेकिन अपनी लाचारी कि वजह से मै ग्राउन्ड मे बैठा रहा। मेरा शरीर अब जवाब दे रहा था..।

मुझे किसी कि बात भी उतनी समझ नहीं आती थी। ऐसा लगता था..जैसे मै अब कुछ ही दिन जी पाऊँगा..। लेकिन मै मरना नहीं चाहता था। मै अपने परिवार के लिए जिना चाहता था।मै जिंदगी से प्यार करने वाला लड़का था। एक दिन मै टी.वी के पास बैठा था। एक दिन मैंने योग करते हुए बाबा रामदेव को देखा..। मै टी.वी देख-देख कर yoga करने लगा..। दो महीने के भीतर मै पूरी तरह से स्वस्थ हो गया। मुझमे पहले से भी ज्यादा ताकत आ गई। मुझ जीने कि चाहत थी और मुझे रास्ते मिलते गए..।

मेरे जीवन की इस भयावह घटना ने मेरी जिंदगी बिल्कुल बदल कर रख दी। आज मै अपने जिंदगी कि बहुत कद्र करता हूँ। जीवन के एक-एक पल को मै बहुत ही खुसी से जीता हूँ। क्यूंकि(Beacause), यह जीवन(Life) बहुत ही कीमती(Costly) है। अब मै पहले से ज्यादा विनम्र हो गया हूँ। बहुत ही मुश्किल दौर से मै गुजरा जब आशा कि कोई किरण भी नहीं थी चारो तरफ अंधेरा ही अंधेरा था मेरे जीने कि चाहत ने मुझे हारने नहीं दिया जब आप अपने वजूद को बचाने के लिए लड़ते है।यदि आपका इरादा भी नेक हो।

तो कुदरत भी आपका हाथ पकड़ लेती है।वैसे लोग जो खुद से और दूसरों से प्यार करते है।यकीन मानिए ऐसे लोगो की मदत प्रकृति भी करती है। मै स्वामी रामदेव,मेरे माता-पिता,अपने पूर्वजो,ईश्वर को हृदय से प्रणाम करता हूँ!

An important lesson of this True  motivational story in Hindi 

हमारे सामने कैसी भी स्थिति चाहे उत्पन्न हो जाए।हालाद कितने भी बुरे क्यू न हो जाए।हमेशा ‘धीरज’ बनाए रखे और ‘आशावादी’ बने रहे। यह True  motivational story in hindi आपको कैसी लगी?अपनी राय अथवा विचार हमसे जरूर शेयर करे। 

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