क्या हीरा चाटने से मौत हो जाती है ? जानिए

क्या हीरा चाटने से मौत हो जाती है क्या हीरा इतना ज्यादा खतरनाक है कि किसी को भी मौत की नींद सुला सकता है दोस्तों आज का हमारा टॉपिक बहुत ही ज्यादा कीमती और अनोखा है क्योंकि आपने कई सारी फिल्में वगैरह में देखा होगा और सुना होगा की हीरा चाटने से इंसान की मौत हो जाती है तो क्या वाकई में यह बात सच है क्या सच में हीरा इतना ज्यादा खतरनाक है अगर है तो क्यों है तो दोस्तों इन सभी सवालों के जवाब आज आपको किस आर्टिकल में मिल जाएंगे.

licking-diamond-can-cause-of-death-is-it-true-of-fake-know-the-myths-and-facts-about-diamond

दोस्तों अगर आपने कोई पुरानी मूवी वगैरा देखी होगी तो उसमें किसी जासूस या धोखेबाज इंसान को पकड़ लिया जाता था तो वह झट से अपनी अंगूठी निकाल कर उसे चाट लिया करता था जिसके बाद मौके पर उसकी मौत हो जाती थी।

और इसके बाद हमारे दिमाग में यह सवाल घूमने लगा कि क्या वाकई में हीरा चाटने से इंसान की मौत हो जाती है अब दोस्तों इस सच के बारे में जानने से पहले आपको हीरे के बारे में जानना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि हीरा जो होता है वह पूरा कार्बन से बना होता है और यह दुनिया भर में पाए जाने वाली सबसे सख्त और सबसे मजबूत चीज है.

जिसे काटना इतना आसान नहीं होता इसलिए जो हीरे को खदान से निकाला जाता है तो इसे तलाशने के लिए अलग-अलग केमिकल का इस्तेमाल करते हैं और बहुत सारी साफ सफाई के बावजूद हीरे को तरसते वक्त जो केमिकल उसमें लगाया जाता है वह उसमें लगा रहता है ऐसे में जब कभी भी केमिकल वाला हीरा आप चाटेंगे तो आप की मौत नहीं होगी। जी आपने बिल्कुल सही सुना हीरा चाटने से किसी की भी मौत नहीं होती।

जैसा कि हमने अभी आपको बताया कि हीरा इस दुनिया में पाया जाने वाला सबसे मजबूत और सबसे सख्त धातु है। ऐसे में आपसे हीरे को जितना भी चाट लें आप उसका एक भी कण उससे छुड़ा नहीं सकते जाहिर सी बात है कि हीरे से कुछ छूटेगा ही नहीं तो आपकी जुबान पर जाएगा कैसे अगर आपके जुबान पर कोई केमिकल वगैरह नहीं जाएगा तो उसका आपकी जुबान पर साइड इफेक्ट करना तो नामुमकिन है.

सिर्फ इतना ही नहीं हीरे को तरासते वक्त इसे चमकाते वक्त जो केमिकल यूज होता है उन्हें पहले बात तो पूरी तरह से साफ कर दिया जाता है और जो थोड़ा बहुत केमिकल लगा रहता है वह इतना ज्यादा टॉक्सिक नहीं होता कि आपकी जान ले ले इसलिए डरने की कोई बात नहीं है.

अगर आप चाहे तो हीरे को कहीं भी पहन सकते हैं यहां तक कि आप लोगों ने कई बार ऐसे भी कई लोगों को सुन या देखा होगा जो हीरे के दांत बनवाते हैं जी हां विदेशों में लोगों को सोने और हीरों वगैरह के बहुत शौक रहता है जो अपनी अमीरी दिखाने के लिए इस तरह की उटपटांग चीजों को कर जाते हैं और इस तरह के लोग इस बात का सीधा उदाहरण है की हीरे को चाट ना तो दूर की बात है उसे मुंह में रखने पर भी कुछ नहीं होता।

अब आपको यह तो समझ में आ गया होगा कि हीरे के अंदर कोई ऐसी खतरनाक चीज नहीं होती जिसे चाटने से इंसान मर जाए लेकिन सवाल फिर से वही आकर अटक जाता है कि आखिर हीरे के अंदर कुछ नहीं होता तो लोग अपनी अंगूठी को निकाल कर उसे चाटते हैं और मर जाते हैं तो दोस्तों पहले के टाइम में जो जासूस वगैरह होते थे ना वह हमेशा अपने पास एक ऐसी अंगूठी रखते थे जिसमें जहर मौजूद होता था और इस तरह की अंगूठी को प्वाइजनस रिंग के नाम से जाना जाता था.

इस तरह के अंगूठी को जब इंसान खोलता था तो उसके अंदर जो हरभरा होता था जिसे चाटते ही तुरंत इंसान की मौत हो जाती थी क्योंकि अंगूठे के अंदर भरा जाने वाला जहर था कोई मामूली जहर नहीं होता था बल्कि बहुत ही खतरनाक किस्म का जहर होता था जिसकी हल्की सी क्वांटिटी भी इंसान को कुछ ही मिनटों में मौत की नींद सुला सकती है.

ऐसे में पहले के समय में जासूसों को कोई भी खुफिया काम दिया जाता था तो उस काम के साथ-साथ उन्हें यह जहरीली अंगूठी भी पकड़ा दी जाती थी अगर किसी हाल में पकड़े गए तो उन्हें अपना मुंह नहीं खोलना बस अपने अंगूठी में मौजूद जहर खाकर आत्महत्या कर लेनी है ताकि जो उनका खुफिया मिशन है वह चलता रहे और यह चीज काफी लंबे समय तक देखने को मिली इसलिए फिल्म बगैरा में इस तरह की घटनाओं को दिखाया गया है.

तो आप समझ गए होंगे कि फिल्मों में जिस अंगूठी को चाट कर लोग मरते थे वह असल में है या नहीं होता था बल्कि अंगूठे के अंदर में छिपा छिपाया गया जहर होता तथा जो बिल्कुल साइनाइट की तरह काम करता था और मिनटों में ही इंसान को ऊपर पहुंचा देता था लेकिन कहानी यहीं पर ही खत्म नहीं होती।

जब हम आपको हीरे के बारे में इतना कुछ बता रहे हैं तो जाहिर सी बात है इससे जुड़ा एक एक्सपेरिमेंट भी आपके साथ शेयर करना बनता है अगर आपको असली हीरे की पहचान करनी है तो इसके लिए आपको एक एक भी कर के अंदर लिक्विड ऑक्सीजन भरनी है.

असली हीरे की पहचान करने के लिए उसे पहले से बहुत ज्यादा गर्म किया जाता है और फिर गर्म होकर जब हीरा लाल हो जाता है तो उसे लिक्विड ऑक्सीजन में डाल दिया जाता है अब जो हीरा लिक्विड ऑक्सीजन के अंदर ही घुल जाए वह असली होता है लेकिन गरम होने के बावजूद लिक्विड ऑक्सीजन में डालने पर जो हीरा अपनी सामान्य स्थिति में बना रहा था वह नकली होता है जी हां हैरान होने की जरूरत नहीं है.

इसके पीछे का कारण बहुत ही शानदार केमिकल इक्वेशन है जैसा कि हमने आपको बताया था कि हीरा शुद्ध कार्बन होता है और जब हम कार्बन को गर्म करते हैं तो उसे ऑक्सीजन में डालने पर कार्बन और ऑक्सीजन का रिएक्शन होता है और फिर उस से कार्बन डाइऑक्साइड बनती है और जो नकली हीरा था वह कार्बन डाइऑक्साइड में नहीं बदला क्योंकि वह कार्बन का बना हुआ ही नहीं है उम्मीद है आपको यह जानकारी काफी पसंद आई होगी और काफी कुछ सीखने को मिला होगा बाकी आप इस बारे में क्या सोचते हैं।

Post a Comment

Previous Next

نموذج الاتصال