मुस्लमान मुर्गी का पंजा क्यों नहीं खाते हैं ?

दोस्तों इस्लामिक ऐसा धर्म है जिस में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए इसको लेकर सवाल खड़े होते हैं और उसी में से सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुर्गी के या बकरी बकरी के या उन जानवरों का पंजा जिन का गोश्त खाना इस्लाम धर्म मैं गलत नहीं समझा जाता। लेकिन बात जब पंजे की आती है तो इसे लेकर कई सारे सवाल उठते हैं। क्या वाकई में यह खाना सही है। 

दोस्तों आप चिंता मत कीजिए क्योंकि हम आपको ऐसी चीजें बताएंगे जो किसी हलाल यानी कि किसी गोश्त में पाई जाती हैं तो आप उसे नहीं खा सकते हैं। वरना सब कुछ खा सकते हैं। अब यह जानने के लिए आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए।

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दोस्तों बड़े-बड़े शहरों में मुर्गी या फिर मुर्गी का जो पंजा होता है उसे बहुत ही कम लोग खाना पसंद करते हैं लेकिन गांव में लोग कुछ भी खा लेते हैं जहां लोग बकरी या मुर्गी वगैरा का पंजा खाने में शर्म नहीं करते। पर दोस्तों आज हम आपको ऐसी चीज बताएंगे जिसे जानने के बाद आप समझ जाएंगे।

जिस जानवर के गोश्त को इस्लाम धर्म में खाना सही माना जाता है उसके शरीर का कौन सा हिस्सा खाना सही है और कौन सा नहीं यानी कि आप इसे एक तरह का फार्मूला समझ लेना। क्योंकि जो हिंदू धर्म होता है वहां तो मीट को ही गलत माना जाता है इसलिए जो कट्टर हिंदू होते हैं वह मांस मछली कुछ नहीं खाते हालांकि अब तो बहुत सारे हिंदू भी मीट मछली खाने में कोई कसर नहीं छोड़ते लेकिन इस्लाम धर्म द्वारा अल्लाह के द्वारा दी गई नसीहत मानते हुए वही चीज खाते हैं जिसे उन्हें खाने की छूट दी जाती है।

इसलिए उन्हें अपने द्वारा खाए जाने वाली चीजों में काफी कंफ्यूजन होती है कि जिन जानवरों का मांस खाना जायज है उनके शरीर का कौन सा हिस्सा खाया जाता है। इसलिए हम आपको साथ ऐसी चीजें बताएंगे जिससे आप हलाल जानवर की बाकी सारी चीजें खा सकते हैं।

दोस्तों जो नंबर वन पर आता है उसका नाम है बहता हुआ खून जब जानवर को हलाल किया जाता है तो जिस जगह से उसे काटा जाता है कहां से बहने वाले खून को खाना बिल्कुल भी जायज नहीं माना जाता। इसे इस्लाम धर्म में हराम माना जाता है। जी हां किसी भी जानवर के बहते हुए खून का सेवन कभी नहीं करना चाहिए फिर चाहे वह कोई सा भी जानवर क्यों ना हो।

अब हम जानवर के अंदर ना खाए जाने वाली अगली चीज के बारे में बात करें तो वह है पेनिस। वैसे तो यह बात बताने की जरूरत नहीं है फिर चाहे वह मादा हो या पुरुष उसे नहीं खाना चाहिए। क्योंकि यह एक ऐसी जगह होती है जहां से किसी का पेशाब निकलता है। जोकि बहुत गलत जगह है इसी वजह से उसे खाना हराम माना गया है। चाहे वह जानवर कोई भी हो आप उसके पर्सनल पार्ट को खाने के लिए नहीं बना सकते।

दोस्तों अब आता है खुशियां इसे भी इस्लाम धर्म में खाना हराम माना गया है और आप जानवर का यह शारीरिक हिस्सा नहीं खा सकते।

अब हम अगली चीज के बारे में बात करें तो वह है शर्मगाह क्योंकि आप उनके पर्सनल पार्ट्स को तो खा नहीं सकत जॉन का प्राइवेट पार्ट होता है उनके आसपास की जगह को भी खाना इस्लाम धर्म में हराम माना गया है।

क्योंकि यह सारी जगह सही नहीं मानी जाती क्योंकि यहां से गंदी चीज निकलती है और इस्लाम धर्म का साफ सीधा माना गया है कि जहां से गंदी चीज निकल रही हो उसे आप खा नहीं सकते। यही वजह है कि इस्लाम धर्म में सुअर को खाना मना है। क्योंकि सुअर उल्टी सीधी गंदगी खाता है। इस तरह के जानवर को खाने से शरीर में बीमारी फैल सकती है।

अब बात करते हैं अगली चीज के बारे में जो और कुछ नहीं बल्कि गिलठी है। जो जानवर में कभी कभार हो जाती है। ऐसे में दोस्तों जाहिर सी बात है कि ये अपने आप में ही गलत है। जिसमें गंदगी होती है उसे कभी खाना नहीं चाहिए।क्योंकि जब किसी भी जानवर के अंदर गिल्ठी होती है। तो उसके शरीर का वह हिस्सा फूल जाता है। और उसमे अजीब तरह की चीजें और गंदगी जमा हो जाती है। जिसे खाना अपनी जान का जंजाल बनाना है।

दोस्तों अब अगर अगली चीज के बारे बात करे तो वो है जानवरों के चेस्ट वाला हिस्सा। जिसे खाना इस्लाम धर्म में सही नहीं माना जाता।

अगर हम इस्लाम धर्म में न खाया जाने वाला अगली और अंतिम चीज की बात करे तो वो है पित्तता। इसके बारे में आपको पता होगा ये बहुत ही तीखा होता है। अगर ऐसे में आप जानवर का ये हिस्सा खाते है तो इसे बिलकुल भी सही नहीं कहा जा सकता। पहली बात तो ये आपके शरीर के बिलकुल भी अच्छा नहीं है।

दूसरी चीज इसे खा पाना ही बहुत मुश्किल है। ऐसे में कभी जानवर को हलाल करते समय जब उसे बनाते है तो वो फुट जाता है। और ऐसी स्थिति में आपको मीट को धोकर साफ सुथरा करके तैयार करना चाहिए। और जब आप साफ सुथरा कर ले तभी आप उसे बना कर खाएं। इसमें कोई गलत बात नहीं है।

तो दोस्तों अब आपको ये समझ में आ गया होगा कि ये बात बिल्कुल भी जरूरी नहीं है अगर इस्लाम धर्म में जानवर को खाना इस्लाम धर्म में जायज माना गया है तो इन्सान उसके शरीर के हर हिस्से को खा सकता है।लेकिन ऐसा नहीं है आप उसके शरीर के मीट वाले हिस्से को ही खा सकते हैं। क्योंकि अगर आप इनके अलावा कुछ और हिस्सा खायेंगे तो बीमारी आपको ऐसी चपेट में लेगी की आप सोच भी नहीं पाएंगे। कि इलाज कैसे कराएं।

जिस तरह हमारे शरीर में कुछ जगह गंदगी इकट्ठा होती है ठीक वैसे ही जानवरों के शरीर में भी कुछ जगहों पर गंदगी इकट्ठा होती है। जिसे खाना बिल्कुल भी सही नहीं है। इसलिए अगर आप मुस्लमान है तो आप इन चीजों का सेवन नहीं करे। अगर आप किसी दूसरे धर्म से भी ताल्लुक रखते हैं तो भी आपको इन सारी गलत चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये हमारे लिए घटक साबित होंगी।

इन सारी चीजों में हमने पंजे का कही भी जिक्र नहीं किया इसका मतलब ये है कि आप जायज जानवरो का पंजा भी खा सकते हैं। यानी की मुर्गे और बकरे का पंजा खाने में कोई दिक्कत नहीं है। जब आप ये सब खाए तो उसे अच्छे से साफ कर लें। और सारी गंदगी है उसे हटा दीजिए। कोई दिक्कत नहीं है।

उम्मीद है आपको इस आर्टिकल से काफ़ी कुछ सीखने को मिला होगा। बाकी आपका इस बारे में क्या कहना है।

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