जानिए मरते वक्त इंसान क्या क्या सोचता है?

मरते वक्त इंसान के दिमाग में क्या चलता है। जब मौत की बात आती है तो अच्छे अच्छे की हवा टाइट हो जाती है। जब असल जिंदगी में मौत से सामना होता है तो दिमाग में क्या चलता है। वो कौन सी बात होती है जो आखिरी वक्त पर इंसान के दिमाग पर कब्जा कर लेती है। वैसे तो ये बात मरने वाले इंसान के साथ दफन हो जाती है। लेकीन एक ऐसा चमत्कार हुआ जिससे वैज्ञानिकों ने पता लगा लिया है कि आखिर मरते वक्त इंसान के दिमाग में क्या चलता है।

दोस्तों ये बात 2016 की है जब कनाडा में एक बूढ़े इंसान का इलाज चल रहा था। उसे एक दिमागी बीमारी थी। जिसकी जांच करने के लिए डॉक्टर्स ने इसके दिमाग का सैंपल को रिकार्ड करना शुरू कर दिया। तभी अचानक इस मरीज की मौत हो गई। और इसी बीच उसके दिमाग में हो रही एक्टिविटी भी रिकॉर्ड हो गई। अब आपके दिमाग में ये चल रहा होगा कि इसमें कौन सी बड़ी बात है।

तो दोस्तों ये पहली बार था कि मरते वक्त किसी का दिमाग को मॉनिटर किया गया। और इसी की सहायता से वैज्ञानिक ये जानने में लग जाते हैं। कि मौत के दौरान आखिर हमारे दिमाग में क्या क्या चीज होती हैं। क्योंकि आपने बहुत से लोगो को ये कहते हुए सुना होगा कि मरते वक्त उसके जीवन की सारी फ्लैशबैक उसके सामने आ जाती है। अगर आप ने ऐसा सुना है तो बिलकुल भी हैरान मत होना। क्योंकि डॉक्टर्स ने अपने रिसर्च में कुछ ऐसा ही बताया है।

डॉक्टर्स इस नतीजे पर कैसे पहुंचे और ये एक्सेक्टली क्या चीज थी। जो मरते वक्त इंसान के ब्रेन सिस्टम में देखी गई। असल में दोस्तो इन सारी चीजों की शुरुआत कनाडा के वंकुवर जनरल हॉस्पिटल से होती है। जहां हॉस्पिटल में एमरजेंसी वार्ड में एक 87 साल के बुजुर्ग लेटे हुए थे। जिन्हे मिर्गी की बीमारी थी।

इस स्थिति में बार बार दिमागी दौरे आते थे। जिसे समझने के लिए डॉक्टर्स ने इनके ब्रेन को मॉनिटर करना शुरू कर दिया। और ऐसा करने के लिए डॉक्टर्स एन. सफोलोजी का इस्तेमाल कर रहे थे। जो कि बहुत ही कॉम्प्लेक्स पोजिशन होता है। जिसका इस्तेमाल दिमाग को पढ़ने के लिए किया जाता है।

अब ये कैसे होता है इसे समझने के लिए ऐसा मान लीजिए कि आपके दिमाग में बिजली दौड़ती है तो आप क्या कहेंगे। हो सकता है आपको ये बात मजाक लगी हो। । पर दोस्तों ये बात 100 टका सच है। हम सभी के दिमाग में विद्युत करंट फ्लो होता है।जिससे हम सभी के दिमाग में इलेक्ट्रिक एक्टिविटी होती है। और इन्ही इलेक्ट्रिकल एक्टिविटीज को रिकार्ड करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मशीन तैयार की। जिसकी मदद से ब्रेन एक्टिविटी को समझा जा सके।

हालाकि कोई इंसान एक्सेक्ट्ली क्या सोच रहा है ये तो उस मशीन से नही पता चल सकता। बल्कि इंसान क्या सोच रहा है उसकी आस पास की चीजों का पता लगा सकते है। दिमाग के किस हिस्से में किस तरह की एक्टिविटी हो रही है। ऐसे में कनाडा के जिस मरीज को दौरे पड़ते थे डॉक्टर उस मशीन के जरिए उसके दिमाग को पढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

तभी उस 87 साल के मरीज को हार्ट अटैक आ गया और उसकी मौत हो गई। और उसके बाद कुछ ऐसा होता है जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की होगी। उसके दिमाग की एक्टिविटी को रिकार्ड करने के लिए इस मशीन ने न्यूरॉन सिग्नल रिकॉर्ड की थी।

उस मरीज की मौत के दौरान करीब 900 सेकंड के ब्रेन सिग्नल्स रिकार्ड किए गए जिसमे से 60 सेकंड की ब्रेन एक्टिविटी बहुत ही ज्यादा दिलचस्प थी। असल में ये जो 60 सेकंड थे ये दिल की धड़कन रुकने के 30 सेकंड पहले और 30 सेकंड बाद के थे। यानी की मौत की दहलीज के 60 सेकंड थे।

इस दौरान ब्रेन एक्टिविटी को देखकर ऐसा लग रहा था। कि कोई मेमोरी रिकॉल कर रहे है यानी की पुरानी यादों को ताजा कर रहे हैं। इसी दौरान इनके ब्रेन में कुछ स्पेशल बेब्स देखने को मिल गई। जो उन पैटर्न से मिलती जुलती जो तब हमारे दिमाग में बनती है जब हम ध्यान लगाते हैं, जब सपने देखते है या फिर जब कुछ याद करने की कोशिश करते हैं। जिसकी डिटेल पहले से ही डॉक्टर के पास स्टोर होती है।

आसान भाषा में समझे तो हमारे दिमाग में जो इलेक्ट्रिकल एक्टिविटीज होती है यानी जो बिजली दौड़ती है। उसमे कुछ तरंगे भी निकलती है जिन्हे हम ब्रेन बेब्स भी कहते है। ब्रेन बेब्स दिखाई नहीं देती लेकिन ब्रेन एक्टिविटी को कैप्चर करने वाली मशीन की मदद से इसे रिकॉर्ड किया जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने ब्रेन बेव्स को उनकी फ्रिक्वेंसी के आधार पर कई भागों में बाटा है

  1. अल्फा वेव्स
  2. बीटा वेव्स
  3. गामा वेव्स
  4. डेल्टा वेव्स
  5. थ्रेटा वेव्स

सबसे इंटरेस्टिंग चीज तो ये है कि इन अलग अलग वेव्स का सीधा संबंध हमारे दिमागी गतिविधियों से होता है और इन्ही ब्रेन वेव्स को मशीन की मदद से रिकॉर्ड किया जाता है। और ब्रेन वेव्स देख कर इन बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिमाग में किस तरह की हरकत चल रही है।

ऐसे में जब हमारे 87 साल की मरीज की मौत हुई थी तो उसके दिमाग में गामा वेव्स एक्टिविटी चल रही थी। इस मारे हुए व्यक्ति के ब्रेन स्कैन को स्टडी करने के बाद रिसर्चर ने इसके बारे में पता लगाया ।

हालाकि ये पहला केस देखा गया है इसलिए पक्के तौर पर कुछ भी कह पाना वैज्ञानिकों के लिए मुश्किल हो रहा है। क्योंकि विज्ञान हमेशा उसी बात को लोगो के सामने रखता है जिसपर वह पूरी तरह से विश्वास करता है। और सालों पहले दादा, बाबा द्वारा कही जाने वाली ये बात कि मरने से पहले आपकी पूरी जिंदगी फ्लैशबैक होकर आपके सामने आती है।

ऐसा असल में वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट के द्वारा पता चले ये अपने आप में काफी हैरान करने वाली बात है। लेकिन आइस केस को स्टडी करने के बाद वैज्ञानिकों को ये समझ में आ गया है कि और केस स्टडी करते है और मरने से पहले लोगो के दिमाग को कैप्चर करते है तो उन्हें पक्के तौर पर ये पता चल जाएगा कि मरने से पहले इंसान के दिमाग में क्या क्या चलता है।

लेकिन इससे जितना कुछ भी पता चला है इससे ये तो बात साफ है कि मरने से पहले आपकी पूरी जिंदगी आपके सामने आके खड़ी हो जायेगी। इसलिए चैन की मौत मरना चाहते हो तो अच्छे कर्म करना मत भूलना।

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